हम आदिवासियों के आराध्य देवी ज्वार माता की कसम खिलवाने वालो प्राचार्य पर मुकदमा दर्ज करवाएंगे -रंजीत राणा बामनिया
जितनी जवाबदेही वार्डन की, उतनी ही प्राचार्य की भी
वार्डन पर कार्रवाई के बाद प्राचार्य अरुण कुशवाह को हटाने की मांग, अतिथि शिक्षक नियुक्ति की जांच की मांग
डही। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास डही में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद मामला पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है। भीलीस्थान लायन सेना की डही इकाई ने अब छात्रावास की व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर प्राचार्य अरुण कुशवाह को भी हटाने की मांग उठाई है।
संगठन का कहना है कि छात्रावास अधीक्षिका अनीता भिड़े पर कार्रवाई के साथ-साथ पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्राचार्य को नहीं हटाया गया तो विकास खंड शिक्षा कार्यालय डही में धरना आंदोलन किया जाएगा।*
जितनी जवाबदेही वार्डन की, उतनी ही प्राचार्य की भी
भीलीस्थान लायन सेना डही के ब्लॉक संरक्षक बहादुर सिंह वर्मा ने कहा कि प्रशासन द्वारा वार्डन को पद से हटाने तथा अतिथि शिक्षक की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन केवल इतनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रावास में घटित घटनाओं की प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए प्राचार्य अरुण कुशवाह की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्राचार्य पर कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन की डही इकाई द्वारा विकास खंड शिक्षा कार्यालय में धरना देकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
अतिथि शिक्षक की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
संगठन ने छात्रावास अधीक्षिका अनीता भिड़े के पति सरदार सिंह पिपलाज की अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन की मांग है कि जांच की जाए कि नियुक्ति के समय सभी निर्धारित पात्रताओं और नियमों का पालन किया गया था या नहीं तथा चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार हुई थी या नहीं।
संगठन ने संबंधित दस्तावेजों और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
“ज्वार माता की कसम खिलाने के आरोप की भी जांच हो”
संगठन के रंजीत राणा बामनिया ने कहा कि उनके संज्ञान में यह आरोप भी आया है कि छात्राओं को ज्वार माता की कसम खिलाई गई। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून धार्मिक भावनाएं आहत करने का मुकदमा दर्ज करवाएंगे ।
उन्होंने कहा कि किसी भी बालिका पर दबाव बनाने या किसी धार्मिक आस्था का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करने की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
छात्राओं के आरोपों से शुरू हुआ था विवाद
ज्ञात हो कि छात्राओं द्वारा छात्रावास अधीक्षिका के पति के छात्रावास परिसर में रहने, छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार तथा छात्राओं से घरेलू कार्य करवाए जाने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन परिस्थितियों से परेशान होकर छात्राएं रोते हुए पुलिस थाने पहुंची थीं और शिकायत की थी।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा वार्डन को पद से हटाने तथा अतिथि शिक्षक की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब संगठन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
तहसील कार्यालय और थाने में सौंपा ज्ञापन
इसी मांग को लेकर भीलीस्थान लायन सेना की डही इकाई के पदाधिकारियों ने तहसील कार्यालय डही एवं पुलिस थाना डही पहुंचकर प्राचार्य अरुण कुशवाह को हटाने, अतिथि शिक्षक की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच करने तथा दोष पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग रखी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर भीलीस्थान लायन सेना डही के ब्लॉक संरक्षक बहादुर सिंह वर्मा, अध्यक्ष किशन सस्तीया, टेमरियां अध्यक्ष युवराज राणा, राकेश डोडवा, आयुष बामनिया, क्रांति चौहान, शुभम, करण सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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