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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से तीखा सवाल किया “क्या यह बच्ची प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है?”

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से तीखा सवाल किया “क्या यह बच्ची प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है?”

एमपी के इंदौर से एक बेहद भावुक मामला सामने आया है, जहां ढाई साल की मासूम अनिका की जिंदगी बचाने के लिए अब कानूनी लड़ाई भी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से तीखा सवाल किया “क्या यह बच्ची प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है?”

अनिका एक गंभीर बीमारी से जूझ रही है और उसके इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपए के एक इंजेक्शन की जरूरत है। परिवार और समाजसेवियों की मदद से अब तक करीब 8 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी करीब 1 करोड़ रुपए की कमी है।

बच्ची की ओर से वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि यदि लाड़ली बहना योजना में मिलने वाली राशि से प्रति हितग्राही सिर्फ 2 रुपए की कटौती कर दी जाए, तो अनिका का पूरा इलाज संभव है।

डॉक्टरों के मुताबिक अनिका की हालत बेहद नाजुक है और वह लंबे समय से सिर्फ तरल आहार पर है। इलाज के लिए समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंजेक्शन लगाने के लिए उसका वजन 13 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बताया गया है कि अनिका का इलाज AIIMS में प्रस्तावित है, लेकिन अब तक वहां से आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई 22 जून तय की है। अब पूरे प्रदेश की नजरें इस फैसले पर टिकी हैं, जो एक मासूम की जिंदगी तय कर सकता है।

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