अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर होगी जिला बदर और एनएसए की कार्यवाही
अवैध शराब भंडारण पर एक्साइज एक्ट 34(2) के प्रावधानों के तहत न्यायालयों में सशक्त पैरवी कर दोषसिद्धि पहला लक्ष्य रखा जाएगा
संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक में दिए निर्देश
आबकारी विभाग ने इंदौर संभाग में वित्तीय वर्ष में धारा-34(1) के तहत 27147 प्रकरण दर्ज किये
इंदौर – संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में आज अवैध मदिरा के क्रय-विक्रय, निर्माण, भण्डारण एवं परिवहन को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक में संभागायुक्त लाक्षाकार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संभाग में अवैध रूप से मदिरा का निर्माण करने वाले, उसका भण्डारण करने वाले तथा विभिन्न माध्यमों से परिवहन और विक्रय करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर जिला बदर और एनएसए की कार्यवाही करें। शराब की दुकानें कतिपय स्थानों पर इंदौर शहर में नियत समय के बाद भी खुले रहने की जानकारी आई है, इन पर एक्साइज विभाग कार्यवाही करें।
गाँजे की खेती जिन स्थानों पर पकड़ी गई है, वहां के स्थानीय प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी तय करें। साथ ही अवैध शराब के भंडारण पाए जाने पर एक्साइज एक्ट के 34(2) के प्रकरणों में न्यायालयों में सशक्त पैरवी की जाये, ताकि दोषसिद्धि हो सके। इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में आबकारी विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में संभागायुक्त कार्यालय से आईजी अनुराग, उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद तथा इंदौर कलेक्टर कार्यालय से कलेक्टर शिवम वर्मा सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक,आबकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
संभागायुक्त लाक्षाकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों, प्रमुख मार्गों तथा ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां अवैध मदिरा के परिवहन अथवा विक्रय की आशंका रहती है। नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध मदिरा के स्रोत और उसके वितरण नेटवर्क का पता लगाया जाए। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही उनके सहयोगियों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध मदिरा जनस्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। विशेष रूप से मिलावटी एवं अनधिकृत रूप से निर्मित मदिरा के सेवन से जनहानि की आशंका बनी रहती है। इस दृष्टि से संबंधित अधिकारी पूरी सतर्कता और गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्देश दिए कि अवैध मदिरा के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। विभागीय अधिकारियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता नहीं बरती जाए।
संभागायुक्त ने कहा कि शासकीय मदिरा की दुकानें निर्धारित समय पर खुले और बंद हो, अधिकारियों द्वारा इसकी लगातार निगरानी की जाये। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाये। अवैध मदिरा के क्रय-विक्रय, भण्डारण और परिवहन को रोकने हेतू ढाबों और हाईवे पर सख्त निगरानी की जाये। बैठक में दीप पर्व पर गौतमपुरा में आयोजित पारम्परिक हिंगोट युद्ध में अग्निसुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गये।
बैठक में उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा संभाग में अवैध मदिरा के क्रय-विक्रय, निर्माण, भण्डारण एवं परिवहन के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत 5043 प्रकरण तथा धारा 34(1) के तहत 27147 प्रकरण दर्ज किये गये हैं।
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