Breaking News

धार जिले की डही विकासखंड के चार शिक्षकों ने शासन के 41.80 लाख हड़पे थे,सभी निलंबित

धार जिले की डही विकासखंड के चार शिक्षकों ने शासन के 41.80 लाख हड़पे थे,सभी निलंबित

धार जनजातीय कार्य विभाग में वेतन व अन्य मदों की राशि गलत खातों में जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिला धार के जनजातीय कार्य विभाग में वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। सहायक आयुक्त द्वारा 12 मार्च 2026 को जारी आदेशों के अनुसार चार शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर (कोषालय) के 5 मार्च 2025 के जांच प्रतिवेदन और विभागीय जांच के आधार पर की गई है।

जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 तक वेतन एरियर्स, कार्यालय व्यय, ई-चालान, अवकाश नगदीकरण और मानदेय जैसी राशि वास्तविक हितग्राहियों के बजाए त्रुटिवश संबंधित शिक्षकों के खातों में जमा हो गईं। गंभीर बात यह रही कि इन शिक्षकों ने न तो विभाग को इसकी सूचना दी और न ही राशि लौटाई, बल्कि अपने व परिजन के खातों में डालकर उसका उपयोग किया। प्रकरण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका प्रारू रावत, ग्राम बड़दा विकासखंड डही द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 तक वेतन एरियर्स, कार्यालय व्यय, चलान भुगतान और अवकाश नगदीकरण आदि मदों की राशि वास्तविक कर्मचारियों के खातों में जाने के बजाय उनके स्वयं के बैंक खाते में 18 लाख 81 हजार 620 रु जमा हो गई। शिक्षिका ने न तो बैंक और न ही विभाग को इसकी जानकारी दी और राशि का उपयोग कर लिया। बाद में पूछताछ होने पर राशि जमा कर दी गई, जो अनधिकृत रूप से प्राप्त की गई थी। जांच में शासन को वित्तीय हानि पहुंचाने का प्रयास पाया गया, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया।

इसी प्रकार ग्राम गाजगोटा के शिक्षक प्रताप सिंह भिड़े के खाते में 14 लाख 90 हजार रुपए की राशि जमा हुई, जिसे उन्होंने बिना सूचना दिए उपयोग कर लिया। बाद में राशि जमा की गई, लेकिन जांच में उन्हें भी दोषी पाया गया और निलंबित कर दिया गया। ग्राम अराड़ा के शिक्षक भूर सिंह रावत के “खाते में 4 लाख 3 हजार दो रुपये जमा हुए, जिनकी जानकारी न बैंक को दी गई और न विभाग को। बाद में राशि संबंधित खातों में जमा की गई, लेकिन इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें भी निलंबित किया गया। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम अराड़ा के शिक्षक अशोक कुमार चौंगड़ के खाते में 4 लाख 5 हजार 400 रु की राशि जमा हुई। उन्होंने भी इसकी जानकारी नहीं दी और बाद में राशि जमा की। इस मामले में भी उन्हें दोषी पाते हुए निलंबित किया गया।

 

चारों मामलों में जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित शिक्षकों ने अनधिकृत रूप से राशि का उपयोग कर शासन को वित्तीय हानि पहुंचाने का प्रयास किया। इसे गबन की श्रेणी में मानते हुए सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबनं : अवधि में सभी शिक्षकों की अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापना की गई है।

डही शिक्षा कार्यालय के अंतर्गत पदस्थ ऐसे और भी बाबू लोग हैं जिन्होंने अपने चहेतों के बैंक खाते में शासन की राशि डाल कर गबन किया है। जिसकी शिकायत मय प्रमाण तत्कालीन कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को की गई थी। अब देखना होगा कि इन लोगों पर कब और क्या कार्यवाही होती हैं।

Check Also

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ नगर पालिका के कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक को अयोग्य घोषित करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया है। साथ ही उन्हें पांच साल के लिए किसी भी चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया

🔊 Listen to this मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ नगर पालिका के कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *