चार महीने की SIR प्रक्रिया, मप्र की अंतिम मतदाता सूची जारी; अब 5.36 करोड़ वोटर्स

मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए SIR अभियान लगभग चार माह तक चला, जिसके बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। अगर किसी का नाम अंतिम मतदाता सूची में नहीं है, तो प्रपत्र संख्या 6 भरकर आवश्यक घोषणा एवं दस्तावेजों सहित ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है. वहीं मतदाता सूची में कोई त्रुटि है, तो प्रपत्र संख्या 8 भर सकते हैं।
मध्यप्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision : SIR) अभियान की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 27 अक्टूबर, 2025 से राज्य में आरंभ हुए अभियान में लगभग 4 माह तक विभिन्न चरणों में व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही के बाद 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने, विलोपन (हटाने) एवं संशोधन आदि के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दिनांक 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक प्राप्त की गईं. इसके बाद 14 फरवरी 2026 तक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्राप्त दावे आपत्तियों का सत्यापन कर उनका निराकरण किया गया।
5.74 करोड़ मतदाताओं में से 5.31 करोड़ गणना प्रपत्र प्राप्त; 100% डिजिटलीकरण
राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिनका पूरी तरह डिजिटलीकरण किया गया। 71,930 बीएलओ ने घर-घर जाकर सर्वे किया और निम्न श्रेणियों के मतदाताओं की पहचान की. निर्धारित समय में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 71,930 बीएलओ, अनेक वालंटियर्स की सक्रिय भागीदारी रही. राज्य के मतदाताओं का उत्साहपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। मीडिया, राजनीतिक दलों एवं अन्य संगठनों का भी सहयोग मिला। इसके परिणामस्वरूप कुल 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया। बीएलओ द्वारा निरंतर घर-घर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा 2 स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।
स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन की घोषणा के बाद राज्य में 5.74 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर उनके डिजिटलीकरण का कार्य मिशन मोड में किया गया।
अभियान के दौरान ही मृत, अनुपस्थिति, स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं दोहरी प्रविष्टियों के सत्यापन के लिये बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया. संबंधित विधानसभा क्षेत्रवार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं दोहरी प्रविष्टियों की सूची संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई।
लगभग 4 माह चली प्रक्रिया के बाद दिनांक 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर अंतिम मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों एवं निर्धारित स्थलों पर प्रकाशित की गई है।
यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट https://ceoelection.mp.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहां मतदाता अपनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
2 करोड़, 89 लाख 4 हजार 975 पुरुष वोटर्स2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 महिला वोटर904 थर्ड जेंडर मतदाता जेंडरप्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद यह 5,31,31,983 संख्या रही.कुल मिलाकर 17 नवंबर से अब तक की कार्यवाही में करीब 34,25,078 के नाम सूची से हटाए गए। अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं.इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है।
अगर किसी का नाम अंतिम मतदाता सूची में नहीं है, तो प्रपत्र संख्या 6 भरकर आवश्यक घोषणा एवं दस्तावेजों सहित ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है. वहीं मतदाता सूची में कोई त्रुटि है, तो प्रपत्र संख्या 8 भर सकते हैं। प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां नियमानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई हैं।
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