डही नगर में बन रही 10 लाख की नाली, दे रही भ्रष्टाचार की गवाही।
पुरानी नाली पर परत चढ़ाकर जनता के पैसों से खिलवाड़।
डही नगर में 10 लाख रुपये की लागत से बन रही नाली निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नई नाली बनाने के नाम पर पुरानी नाली पर सिर्फ परत चढ़ाकर खानापूर्ति की जा रही है।
सामने की दीवार का निर्माण तो किया जा रहा है, लेकिन बेसमेंट में केवल सीमेंट का रेला बिछाया गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती दोनों पर संदेह गहराया है। नाली का बैसमेंट नही होने के कारण पास में हि मुस्लिम क्रबस्तान है इस घटीया नाली निर्माण के चलते नाली के तले से रिसाव क्रबस्तान मे जाना तय है जेसा कि पुर्व में बनी हुई नाली के पानी का रिसाव जाता था । बैसमैंट एवं सामने वाली दिवालों में मात्र दो आठ एम.एम सरीया लम्बाई में बिछाया गई है ओर दो से ढाई फिट की चौडाई पर ढेड से दो फिट में सरीया के टुकडे बांधे हुए है, क्या नाम मात्र में सरीया लगाने से बैसमेंट ओर दिवाल मजबुत होगी क्या।
नगरवासीयों का कहना है यह जनता के पैसों की खुली लूट है, अधिकारी और इंजीनियर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं।”
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर परिषद अधिकारी और इंजीनियर इस भ्रष्टाचार के गवाह हैं या भागीदार? जनता के टैक्स के पैसों की इस तरह बर्बादी आखिर कब तक जारी रहेगी?
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
वही क्रबस्तान कमेटी के संजरी ने बताया कि पहले कि नाली कि शिकायत हमने कि थी उसी के चलते यह नया निर्माण किया जा रहा है लेकिन इस तरह के गलत निर्माण से वही पहले वाले हि हालात निर्मीत हो जाऐंगे हम इसकी शिकायत माननीय कलेक्टर से करेंगे ।
नगर परिषद डही सीएमओ रमेश चंद्र सतपुडा ने कहा इसे मै दिखवाता हु! मुझे आप इस तरह कि खामीया बता दिया करे।
नप के इंजीनियर सुशील कुमार डावर ने बताया कि निम्न स्तर का निर्माण अगर हो रहा है तो मै इसे तत्काल बन्द करवाता हु! ओर इस तरह से निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही कि जायेगी।