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अतिथि शिक्षक बनने की चाह में हजारों आवेदको ने कराया पंजीयन 

अतिथि शिक्षक बनने की चाह में हजारों आवेदको ने कराया पंजीयन 

डही – शासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों के रिक्त पदों के विरुद्ध रखे जाने वाले अतिथि शिक्षकों के पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया का 31 मई को अंतिम दिन था। अंतिम दिवस भी बड़ी संख्या में आवेदक पंजीयन और सत्यापन कार्य कराते नजर आए। आवेदकों द्वारा पंजीयन कराने के बाद इसका सत्यापन कार्य संकुल प्राचार्यो द्वारा किया गया। खास बात यह है कि इस वर्ष सबसे ज्यादा आवेदकों ने अतिथि शिक्षक बनने के लिए पंजीयन कराया है। शिक्षित बेरोजगारों ने रोजगार की चाह में अतिथि शिक्षक बनने के लिए बड़ा रुझान दिखाया है।

जानकारी मुताबिक जिले में 3000 से ज्यादा आवेदकों ने अतिथि शिक्षक पंजीयन और सत्यापन कार्य में भाग

लिया है। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब इन आवेदकों को स्कूलों में अतिथि शिक्षक नियुक्ति का इंतजार रहेगा। इस बार शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग के नवीन पोर्टल 3.0 पर यह प्रक्रिया पूर्ण में कराई है। अब इस वर्ष स्कूलों में रखे जाने वाले अतिथि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया क्या रहेगी इसके निर्देश आना बाकी है।

फिलहाल नियमित शिक्षकों के स्थानांतरण और उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया प्रचलन में है। ऐसे में जून में बड़ी संख्या में शिक्षक इन दोनों प्रक्रियाओं से इधर से उधर होंगे। इसके बाद ही स्कूलों में वास्तविक रिक्त पदों की स्थिति प्रदर्शित होगी और उसके बाद ही अतिथि शिक्षकों की चयन की प्रक्रिया की जाएगी।

गौरतलब है कि वर्तमान में अतिथि शिक्षक वर्ग–1 को 18 हजार रुपये प्रति माह, वर्ग–2 को 14 हजार रुपये प्रतिमाह और वर्ग–3 को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। यह मानदेय पिछले दो सालों से अतिथि शिक्षकों को मिलता आ रहा है। जबकि इसके पूर्व वर्षों में इससे आधा मानदेय प्रतिमाह मिलता था। ऐसे में अतिथि शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय मिलने से भी बड़ी संख्या में शिक्षित युवा अतिथि शिक्षक बनने को तैयार हैं।

अतिथि शिक्षक संघ के डही ब्लाक अध्यक्ष इंदर सिंह मुजाल्दा का कहना है कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को सेवा देते हुए 10 से 15 साल हो चुके हैं। इतने वर्षों की सेवा और बीएड-डीएड की योग्यता पूर्ण करने वाले अतिथि शिक्षकों को शासन द्वारा सीधे नियमित करना चाहिए।

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